सतना जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में वर्ष 2025 के पहले पांच महीनों में 31 बच्चों की मौत हुई और 64 बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया। सुविधाओं की कमी, न्यूरोसर्जन का अभाव और ओवरलोडेड बेड्स इस संकट के प्रमुख कारण हैं।
सतना जिले में चिकित्सकों की भारी कमी से इलाज संकट गहरा गया है। जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में 62 में से सिर्फ 19 डॉक्टर ही तैनात हैं।














